प्रयागराज, झूंसी। बिजली कटौती एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। झूंसी के कनिहार (चमनगंज) क्षेत्र में नया पावर हाउस शुरू होने के बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि पिछले चार-पांच दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है।
इससे कई गांवों के हजारों परिवार प्रभावित हैं और लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
बैठक के बाद अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने के दावे किए, लेकिन झूंसी क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि जमीनी स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती।
नया पावर हाउस शुरू होने के बाद भी नहीं मिली राहत
स्थानीय लोगों के अनुसार, कनिहार (झूंसी) चमनगंज क्षेत्र में नया पावर हाउस शुरू होने से बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीद थी। हालांकि उनका दावा है कि पिछले चार दिनों से लगातार बिजली की आवाजाही बनी हुई है।
इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान, दुकानदार और छोटे कारोबारी भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद संबंधित JE और SDO से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि कई बार फोन करने पर भी कॉल रिसीव नहीं किए जाते, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के सांसद और विधायक इस समस्या से अवगत होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी पहल करते नहीं दिखे। उनका कहना है कि लगातार बिजली संकट के बावजूद जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस हस्तक्षेप सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जनप्रतिनिधि स्वयं क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो इसका प्रभाव जनता के सरकार के प्रति विश्वास पर भी पड़ सकता है।
कुछ लोगों का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भविष्य में राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि यह स्थानीय लोगों की राय है और चुनावी असर का आकलन मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेगा।
तत्काल समाधान की मांग
ग्रामीणों ने शासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि झूंसी के कनिहार और चमनगंज क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती का तत्काल संज्ञान लिया जाए।
लोगों का कहना है कि यदि नया पावर हाउस शुरू होने के बाद भी नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

